नवरात्रि: प्रत्येक दिन एक अलग देवी को समर्पित होता है
नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा के लिए समर्पित होते हैं। प्रत्येक दिन एक विशेष रूप को समर्पित होता है, और भक्त उनकी पूजा करते हैं। आइए जानें कि हर दिन कौन सी देवी की पूजा की जाती है और उससे जुड़ी परंपराएं क्या हैं।
पहला दिन: शैलपुत्री
- रूप: पर्वतों की पुत्री शैलपुत्री।
- रिवाज: कलश स्थापना और उपवास से नवरात्रि की शुरुआत होती है।
- रंग: लाल – शक्ति और साहस का प्रतीक।
दूसरा दिन: ब्रह्मचारिणी
- रूप: तप और संयम की देवी।
- रिवाज: शांति और धैर्य की प्रार्थना की जाती है।
- रंग: नीला – शांति और मजबूती का प्रतीक।
तीसरा दिन: चंद्रघंटा
- रूप: साहस और वीरता की देवी।
- रिवाज: भक्त साहस के लिए प्रार्थना करते हैं।
- रंग: पीला – खुशी और उजाले का प्रतीक।
चौथा दिन: कूष्मांडा
- रूप: सृष्टि की रचयिता।
- रिवाज: कद्दू की भेंट दी जाती है।
- रंग: हरा – समृद्धि और विकास का प्रतीक।
पाँचवा दिन: स्कंदमाता
- रूप: भगवान कार्तिकेय की माता।
- रिवाज: परिवार की समृद्धि के लिए प्रार्थना की जाती है।
- रंग: ग्रे – परिवर्तन की शक्ति का प्रतीक।
छठा दिन: कात्यायनी
- रूप: रक्षा और सुरक्षा की देवी।
- रिवाज: दुर्गा पूजा और मंत्र जाप।
- रंग: नारंगी – शक्ति का प्रतीक।
सातवां दिन: कालरात्रि
- रूप: बुराई का नाश करने वाली देवी।
- रिवाज: दीप जलाकर नकारात्मकता को दूर किया जाता है।
- रंग: सफेद – शुद्धता का प्रतीक।
आठवां दिन: महागौरी
- रूप: शांति और शुद्धता की देवी।
- रिवाज: क्षमा और आंतरिक शांति के लिए प्रार्थना।
- रंग: गुलाबी – आशा और नई शुरुआत का प्रतीक।
नौवां दिन: सिद्धिदात्री
- रूप: सिद्धियों की देवी।
- रिवाज: हवन और मंत्रोच्चार द्वारा देवी की पूजा।
- रंग: बैंगनी – शक्ति और महत्त्वाकांक्षा का प्रतीक।