🕉️ श्रावण मास में दैनिक पूजन का महत्व:

श्रावण मास में भगवान शिव की प्रतिदिन पूजा करना अत्यंत शुभ माना गया है। यह मास भगवान शिव को समर्पित होता है और नियमित पूजन से समस्त दोषों का नाश होता है तथा जीवन में सुख-शांति आती है।


🛕 दैनिक पूजन विधि (प्रातःकालीन):

  1. स्नान एवं शुद्धता:

    • सूर्योदय से पहले उठें।

    • स्नान करके सफेद या स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

  2. पूजा स्थान की सफाई:

    • पूजास्थल की सफाई करें।

    • शिवलिंग या भगवान शिव की तस्वीर स्थापित करें।

  3. अभिषेक सामग्री:

    • जल, दूध, दही, शहद, घी, और शक्कर से अभिषेक करें।

    • तांबे के लोटे या कलश का उपयोग करें।

  4. श्रृंगार एवं अर्पण:

    • बेलपत्र, सफेद फूल, धतूरा और चंदन अर्पित करें।

    • दीपक और धूप जलाएं।

  5. मंत्र जाप:

    • "ॐ नमः शिवाय" – 108 बार

    • "महामृत्युंजय मंत्र" – 21 या 108 बार

    • शिव पंचाक्षरी स्तोत्र

  6. आरती एवं प्रार्थना:

    • शिव आरती गाएं या सुनें।

    • स्वास्थ्य, धन और शांति की कामना करें।


🌙 सायंकालीन पूजा विधि:

  1. सूर्यास्त से पहले स्थान को फिर से साफ करें।

  2. घी का दीपक और धूप जलाएं।

  3. जल या दूध से शिवलिंग पर पुनः अभिषेक करें।

  4. शिव चालीसा या कोई स्तोत्र पढ़ें।

  5. आरती करें और ध्यान करें।


📿 अतिरिक्त उपाय:

  • सोमवार को उपवास रखें।

  • जरूरतमंदों को अन्न या जल का दान करें।

  • शिव पुराण या शिव कथाएं पढ़ें।

  • मांसाहार, लहसुन-प्याज से परहेज करें।