सानवलिया सेठ मंदिर, राजस्थान के चित्तौरगढ़ के पास स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह भगवान श्रीकृष्ण के "सानवलिया" (गंभीर वर्ण) स्वरूप को समर्पित है। यह मंदिर खासकर व्यापारियों के बीच अत्यंत श्रद्धा का केंद्र है, जो मानते हैं कि यहां पूजा करने से व्यापार में वृद्धि और सफलता मिलती है।

यह मंदिर चित्तौरगढ़ से लगभग 40 किमी दूर मांडफिया नगर में स्थित है। कथा के अनुसार, 1840 ई.‍ में एक किसान को जमीन से भगवान श्रीकृष्ण की तीन दिव्य मूर्तियां प्राप्त हुई थीं। इन मूर्तियों को मांडफिया, भादसोड़ा और चापर गांवों में स्थापित किया गया। इनमें मांडफिया का मंदिर सबसे प्रमुख बना जिसे आज सानवलिया सेठ मंदिर के नाम से जाना जाता है।

भक्तगण यहां अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करने हेतु मन्नत मांगते हैं। विशेष रूप से व्यापारी अपने नए कार्य प्रारंभ करने से पहले यहां आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

जन्माष्टमी जैसे प्रमुख त्योहारों पर भव्य आयोजन होते हैं और विशाल मेले का आयोजन भी किया जाता है। मंदिर की वास्तुकला पारंपरिक राजस्थानी शैली की है, जिसमें सुंदर नक्काशी और भव्य संरचनाएं देखने को मिलती हैं।

मुख्य जानकारी:

  • स्थान: मांडफिया, चित्तौरगढ़, राजस्थान

  • मुख्य देवता: भगवान श्रीकृष्ण (सानवलिया स्वरूप)

  • समय: सुबह 5:00 बजे से रात 11:00 बजे तक

  • प्रमुख त्यौहार: जन्माष्टमी, दीपावली

  • यात्रा का सर्वोत्तम समय: अक्टूबर से मार्च तक