दशहरा 2025: तिथि, महत्व, पूजा विधि और उत्सव मार्गदर्शिका

परिचय
दशहरा या विजयादशमी भारत का एक प्रमुख त्यौहार है, जिसे बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। यह त्यौहार नौ दिन के नवरात्रि पर्व के बाद आता है और पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

दशहरा 2025 तिथि और शुभ मुहूर्त

  • तारीख: गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025

  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:15 बजे से 03:01 बजे तक

  • अपराह्न पूजा समय: 01:29 बजे से 03:46 बजे तक

  • दशमी तिथि प्रारंभ: 01 अक्टूबर 2025, दोपहर 02:34 बजे

  • दशमी तिथि समाप्त: 02 अक्टूबर 2025, दोपहर 01:28 बजे

दशहरा का महत्व

  • भगवान श्रीराम द्वारा रावण का वध।

  • मां दुर्गा द्वारा महिषासुर पर विजय।

  • धर्म, सत्य और न्याय की जीत का संदेश।

कथा

  • उत्तर भारत में इस दिन रामलीला और रावण दहन किया जाता है।

  • पूर्वी भारत में यह दुर्गा पूजा विसर्जन के रूप में मनाया जाता है।

  • दक्षिण भारत में इसे अयुध पूजा के रूप में मनाया जाता है।

  • कर्नाटक में मैसूर दशहरा विशेष आकर्षण होता है।

पूजा विधि

  1. प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

  2. श्रीराम, मां दुर्गा या हनुमानजी की पूजा करें।

  3. पुष्प, फल, मिठाई, अगरबत्ती अर्पित करें।

  4. रामरक्षा स्तोत्र या दुर्गा चालीसा का पाठ करें।

  5. अपराह्न काल में विशेष पूजा करें।

  6. अस्त्र-शस्त्र और औजारों की पूजा करें।

  7. प्रसाद बांटें और बड़ों का आशीर्वाद लें।

उत्सव

  • उत्तर भारत: रावण दहन, रामलीला।

  • बंगाल: दुर्गा विसर्जन।

  • दक्षिण भारत: अयुध पूजा और शोभायात्रा।

  • महाराष्ट्र: आपटा के पत्ते बांटने की परंपरा।

शुभकामनाएँ

  • “सत्य की जीत और बुराई के अंत का प्रतीक दशहरा आपके जीवन में खुशियां लाए।”

  • “मां दुर्गा की कृपा से आपका जीवन सुख, शांति और समृद्धि से भर जाए।”