नवरात्रि 2026: तारीख, घटस्थापना मुहूर्त, 9 दिन, रंग, पूजा विधि, गरबा और दशहरा

नवरात्रि 2026 हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र त्योहारों में से एक है। यह पर्व मां दुर्गा और उनके नौ स्वरूपों की आराधना को समर्पित है। नवरात्रि के नौ दिनों और नौ रातों में भक्त माता रानी की पूजा, आरती, व्रत, जप और भजन करते हैं।

भारत के अलग-अलग राज्यों में नवरात्रि अलग-अलग परंपराओं के साथ मनाई जाती है। गुजरात में नवरात्रि का विशेष महत्व है, जहां नौ रातों तक गरबा और डांडिया रास का भव्य आयोजन होता है। अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट सहित गुजरात के कई शहरों में लोग पारंपरिक परिधानों में गरबा और डांडिया खेलकर नवरात्रि का उत्सव मनाते हैं।

शारदीय नवरात्रि 2026 रविवार, 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी और 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी/दशहरा के साथ इसका समापन होगा।

आइए जानते हैं नवरात्रि 2026 की तारीख, घटस्थापना मुहूर्त, नौ दिनों की पूजा, नवरात्रि के नौ रंग, नवदुर्गा के स्वरूप, पूजा विधि, व्रत, गरबा, दुर्गा अष्टमी, महानवमी और दशहरा के बारे में विस्तार से।

नवरात्रि 2026 कब है?

शारदीय नवरात्रि 2026 रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को शुरू होगी।

नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। 19 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी और महानवमी से जुड़े विशेष अनुष्ठान होंगे तथा 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा।

नवरात्रि 2026 की महत्वपूर्ण तिथियां

दिन तारीख तिथि पूजित देवी नवरात्रि रंग
पहला दिन 11 अक्टूबर, रविवार प्रतिपदा मां शैलपुत्री नारंगी
दूसरा दिन 12 अक्टूबर, सोमवार द्वितीया मां ब्रह्मचारिणी सफेद
तीसरा दिन 13 अक्टूबर, मंगलवार तृतीया मां चंद्रघंटा लाल
चौथा दिन 14 अक्टूबर, बुधवार चतुर्थी मां कूष्मांडा रॉयल ब्लू
पांचवां दिन 15 अक्टूबर, गुरुवार पंचमी मां स्कंदमाता पीला
छठा दिन 16 अक्टूबर, शुक्रवार षष्ठी मां कात्यायनी हरा
सातवां दिन 17 अक्टूबर, शनिवार सप्तमी मां कालरात्रि ग्रे
आठवां दिन 18 अक्टूबर, रविवार सप्तमी बैंगनी
नौवां दिन 19 अक्टूबर, सोमवार अष्टमी मां महागौरी मोरपंखी हरा
दसवां दिन 20 अक्टूबर, मंगलवार नवमी/दशमी विजयादशमी

2026 के अहमदाबाद पंचांग में 18 अक्टूबर को सप्तमी और 19 अक्टूबर को अष्टमी के साथ दुर्गा अष्टमी, महागौरी पूजा तथा संधि पूजा दी गई है। 20 अक्टूबर को नवमी होम, आयुध पूजा, नवरात्रि पारणा, दुर्गा विसर्जन और विजयादशमी के अनुष्ठान दिए गए हैं।

नोट: तिथि सूर्योदय के आधार पर निर्धारित होने के कारण अलग-अलग पंचांगों या शहरों में अष्टमी और नवमी के नाम/अनुष्ठान की तारीख में अंतर दिखाई दे सकता है। धार्मिक अनुष्ठान के लिए अपने स्थानीय पंचांग को प्राथमिकता दें।

घटस्थापना 2026 कब है?

नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना या कलश स्थापना की जाती है। यह नवरात्रि के शुभारंभ का महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान है।

घटस्थापना की तारीख: रविवार, 11 अक्टूबर 2026

अहमदाबाद में घटस्थापना मुहूर्त

सुबह 6:35 बजे से सुबह 10:29 बजे तक

मुहूर्त की कुल अवधि लगभग 3 घंटे 54 मिनट है।

इसके अतिरिक्त, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:03 बजे से 12:50 बजे तक है।

प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर की रात लगभग 9:19 बजे शुरू होकर 11 अक्टूबर की रात लगभग 9:30 बजे समाप्त होगी।

महत्वपूर्ण: घटस्थापना का मुहूर्त शहर के अनुसार बदलता है। ऊपर दिया गया समय अहमदाबाद के लिए है।

घटस्थापना का महत्व

घटस्थापना नवरात्रि का पहला और महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। इसमें कलश स्थापित करके देवी शक्ति का आह्वान किया जाता है।

कलश को समृद्धि, शुभता और जीवन शक्ति का प्रतीक माना जाता है। कई परिवारों में कलश के पास जौ बोने की भी परंपरा है।

नवरात्रि के दौरान जौ के अंकुर बढ़ते हैं, जिन्हें शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

नवरात्रि क्या है?

'नवरात्रि' दो शब्दों से मिलकर बना है:

  • नव – नौ

  • रात्रि – रात

इस प्रकार नवरात्रि का अर्थ है नौ रातें

इन नौ रातों में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। शारदीय नवरात्रि आश्विन मास में आती है और नौ दिनों की पूजा के बाद दसवें दिन विजयादशमी मनाई जाती है।

नवरात्रि का धार्मिक महत्व

नवरात्रि का हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है।

1. मां दुर्गा की आराधना

नवरात्रि के दौरान भक्त मां दुर्गा और उनके नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं।

2. बुराई पर अच्छाई की जीत

नवरात्रि देवी दुर्गा द्वारा महिषासुर पर विजय का प्रतीक मानी जाती है। यह पर्व हमें सिखाता है कि अंततः सत्य और धर्म की विजय होती है।

3. शक्ति की उपासना

मां दुर्गा को आदि शक्ति या दिव्य शक्ति का स्वरूप माना जाता है। नवरात्रि शक्ति, साहस और आत्मविश्वास की उपासना का पर्व है।

4. आध्यात्मिक शुद्धि

भक्त नवरात्रि के दौरान व्रत, ध्यान, मंत्र जाप, पूजा और सात्त्विक आहार के माध्यम से आध्यात्मिक अनुशासन का पालन करते हैं।

5. सुख-समृद्धि की कामना

भक्त मां दुर्गा से परिवार की सुख-शांति, स्वास्थ्य, सफलता, समृद्धि और सुरक्षा की प्रार्थना करते हैं।

नवरात्रि के नौ दिन और नवदुर्गा

नवरात्रि के प्रत्येक दिन मां दुर्गा के एक विशेष स्वरूप की पूजा की जाती है। इन नौ स्वरूपों को नवदुर्गा कहा जाता है।

पहला दिन – मां शैलपुत्री

11 अक्टूबर 2026

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है।

मां शैलपुत्री को पर्वतराज हिमालय की पुत्री माना जाता है। वे शक्ति, स्थिरता और भक्ति का प्रतीक हैं।

इस दिन घटस्थापना भी की जाती है।

रंग: नारंगी

दूसरा दिन – मां ब्रह्मचारिणी

12 अक्टूबर 2026

दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है।

वे तप, त्याग, धैर्य और दृढ़ संकल्प का प्रतीक मानी जाती हैं।

रंग: सफेद

तीसरा दिन – मां चंद्रघंटा

13 अक्टूबर 2026

तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है।

मां चंद्रघंटा साहस, शांति और शक्ति का प्रतीक हैं।

रंग: लाल

चौथा दिन – मां कूष्मांडा

14 अक्टूबर 2026

चौथे दिन मां कूष्मांडा की आराधना की जाती है।

उन्हें सृष्टि की ऊर्जा और सकारात्मक शक्ति से जोड़ा जाता है।

रंग: रॉयल ब्लू

पांचवां दिन – मां स्कंदमाता

15 अक्टूबर 2026

पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा होती है।

वे भगवान कार्तिकेय की माता हैं और मातृत्व, करुणा तथा संरक्षण का प्रतीक मानी जाती हैं।

रंग: पीला

छठा दिन – मां कात्यायनी

16 अक्टूबर 2026

छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है।

उन्हें शक्ति, साहस और वीरता का स्वरूप माना जाता है।

रंग: हरा

सातवां दिन – मां कालरात्रि

17 अक्टूबर 2026

सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है।

मां कालरात्रि नकारात्मक शक्तियों का नाश करने वाली और भय को दूर करने वाली देवी मानी जाती हैं।

रंग: ग्रे

आठवां दिन – मां महागौरी

18/19 अक्टूबर 2026

2026 के स्थानीय पंचांग में अष्टमी का प्रमुख अनुष्ठान 19 अक्टूबर को दिया गया है। इस दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है।

मां महागौरी को शांति, पवित्रता और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रतीक माना जाता है।

रंग: बैंगनी / मोरपंखी हरा, पंचांग परंपरा के अनुसार

नौवां दिन – मां सिद्धिदात्री

नवरात्रि के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है।

मां सिद्धिदात्री को सिद्धि, आध्यात्मिक शक्ति और दिव्य कृपा प्रदान करने वाली देवी माना जाता है।

2026 में स्थानीय पंचांग के अनुसार 19 अक्टूबर को अष्टमी के साथ महागौरी पूजा और महानवमी से जुड़े अनुष्ठान भी दिए गए हैं।

नवरात्रि 2026 के नौ रंग

नवरात्रि के दौरान हर दिन अलग रंग पहनने की परंपरा गुजरात और महाराष्ट्र सहित कई क्षेत्रों में लोकप्रिय है।

2026 के लिए प्रचलित रंग:

  1. 11 अक्टूबर – नारंगी

  2. 12 अक्टूबर – सफेद

  3. 13 अक्टूबर – लाल

  4. 14 अक्टूबर – रॉयल ब्लू

  5. 15 अक्टूबर – पीला

  6. 16 अक्टूबर – हरा

  7. 17 अक्टूबर – ग्रे

  8. 18 अक्टूबर – बैंगनी

  9. 19 अक्टूबर – मोरपंखी हरा

ये रंग कई पंचांगों में सप्ताह के दिन के आधार पर निर्धारित किए जाते हैं और क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार अलग भी हो सकते हैं।

नवरात्रि पूजा सामग्री

नवरात्रि की पूजा के लिए सामान्यतः निम्न सामग्री का उपयोग किया जाता है:

  • मां दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर

  • कलश

  • नारियल

  • आम के पत्ते

  • लाल कपड़ा

  • कुमकुम

  • अक्षत

  • फूल

  • दूर्वा

  • धूप

  • दीपक

  • घी या तेल

  • कपूर

  • फल

  • मिठाई

  • पान

  • सुपारी

  • मौली / कलावा

  • जौ

  • जल

  • पंचामृत

  • प्रसाद

पूजा सामग्री परिवार की परंपरा और क्षेत्रीय रीति-रिवाजों के अनुसार अलग हो सकती है।

घटस्थापना पूजा विधि

1. पूजा स्थान की सफाई

सबसे पहले घर और पूजा स्थान की अच्छी तरह सफाई करें।

2. पूजा चौकी तैयार करें

चौकी पर स्वच्छ लाल या पीला कपड़ा बिछाएं।

3. कलश स्थापित करें

कलश में स्वच्छ जल भरें और उसमें आवश्यक पूजन सामग्री डालें।

कलश को आम के पत्तों और नारियल से सजाया जा सकता है।

4. जौ बोएं

एक पात्र में मिट्टी डालकर उसमें जौ के बीज बोएं। इसे कलश के पास रखा जाता है।

5. मां दुर्गा का आह्वान करें

मां दुर्गा का ध्यान करके उनका आह्वान करें और उनसे घर में सुख-शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मांगें।

6. दीपक जलाएं

घी या तेल का दीपक जलाएं।

7. फूल और प्रसाद अर्पित करें

मां दुर्गा को फूल, फल, मिठाई और अन्य सात्त्विक भोग अर्पित करें।

8. आरती करें

पूजा के अंत में मां दुर्गा की आरती करें और परिवार के सभी सदस्यों के साथ प्रार्थना करें।

नवरात्रि में व्रत

नवरात्रि के दौरान कई भक्त अपनी श्रद्धा और स्वास्थ्य के अनुसार व्रत रखते हैं।

व्रत में सामान्यतः निम्न चीजों का सेवन किया जाता है:

  • फल

  • दूध

  • दही

  • साबूदाना

  • सिंघाड़े का आटा

  • राजगीरा

  • आलू

  • शकरकंद

  • सामक चावल

  • मेवे

  • नारियल

कुछ लोग पूरे नौ दिन व्रत रखते हैं, जबकि कुछ भक्त केवल अष्टमी या नवमी के दिन व्रत रखते हैं।

व्रत के नियम परिवार, क्षेत्र और व्यक्तिगत धार्मिक परंपरा के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।

गुजरात में नवरात्रि का महत्व

गुजरात में नवरात्रि केवल धार्मिक त्योहार नहीं बल्कि एक विशाल सांस्कृतिक उत्सव है।

नौ रातों तक गुजरात के शहरों और गांवों में गरबा और डांडिया रास का आयोजन किया जाता है।

लोग पारंपरिक गुजराती कपड़े पहनकर गरबा और डांडिया में भाग लेते हैं।

गरबा

गरबा गुजरात की सबसे लोकप्रिय लोकनृत्य परंपराओं में से एक है।

गरबा सामान्यतः दीप या देवी शक्ति के प्रतीक के चारों ओर गोलाकार रूप में किया जाता है।

नृत्य की गोलाकार गति जीवन के चक्र और दिव्य शक्ति की निरंतरता का प्रतीक मानी जाती है।

डांडिया रास

डांडिया में रंग-बिरंगी लकड़ी की डांडियों का इस्तेमाल किया जाता है।

लोग समूह में संगीत की ताल पर डांडिया रास करते हैं।

अहमदाबाद में नवरात्रि 2026

अहमदाबाद गुजरात के प्रमुख नवरात्रि उत्सव स्थलों में से एक है।

नवरात्रि के दौरान शहर में छोटे सामुदायिक गरबा आयोजनों से लेकर बड़े व्यावसायिक गरबा कार्यक्रमों तक कई प्रकार के आयोजन होते हैं।

अहमदाबाद में नवरात्रि के दौरान प्रमुख आकर्षण:

  • पारंपरिक गरबा

  • डांडिया रास

  • लाइव संगीत

  • लोक संगीत

  • पारंपरिक भोजन

  • सांस्कृतिक कार्यक्रम

  • बेस्ट ड्रेस प्रतियोगिताएं

  • सामुदायिक गरबा

  • पारंपरिक गुजराती परिधान

नवरात्रि में पारंपरिक पहनावा

नवरात्रि के दौरान पारंपरिक कपड़े पहनने की विशेष परंपरा है।

महिलाओं के लिए

  • चनिया चोली

  • बंधनी

  • पारंपरिक आभूषण

  • ऑक्सीडाइज्ड ज्वेलरी

  • गुजराती कढ़ाई वाले परिधान

पुरुषों के लिए

  • केडियू

  • चोरणो

  • गुजराती पगड़ी

  • पारंपरिक जैकेट

दुर्गा अष्टमी 2026

दुर्गा अष्टमी नवरात्रि के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक है।

2026 के अहमदाबाद पंचांग के अनुसार 19 अक्टूबर 2026 को दुर्गा अष्टमी, महागौरी पूजा और संधि पूजा से जुड़े अनुष्ठान दिए गए हैं। संधि पूजा का समय लगभग सुबह 10:27 से 11:15 बजे तक दिया गया है।

इस दिन भक्त विशेष दुर्गा पूजा, आरती, हवन और कन्या पूजन करते हैं।

महानवमी 2026

महानवमी नवरात्रि के अंतिम चरण का महत्वपूर्ण दिन है।

इस दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा, हवन और विशेष प्रार्थना की जाती है।

कई परिवारों में अष्टमी या नवमी के दिन कन्या पूजन करने की परंपरा है।

कन्या पूजन

कन्या पूजन को कंजक पूजा भी कहा जाता है।

इसमें छोटी कन्याओं को देवी के स्वरूप के रूप में सम्मान देकर भोजन कराया जाता है और उन्हें उपहार या दक्षिणा दी जाती है।

कन्या पूजन में सामान्यतः:

  • भोजन

  • फल

  • मिठाई

  • दक्षिणा

  • कपड़े

  • उपहार

दिए जाते हैं।

कन्या पूजन की परंपराएं क्षेत्र और परिवार के अनुसार अलग हो सकती हैं।

नवरात्रि हवन

कई परिवार अष्टमी या नवमी के दिन नवरात्रि हवन करते हैं।

हवन में मंत्रों का उच्चारण करते हुए अग्नि में आहुति दी जाती है।

इसे आध्यात्मिक शुद्धि, शांति और देवी के आशीर्वाद की कामना से किया जाता है।

विजयादशमी और दशहरा 2026

नवरात्रि के बाद विजयादशमी, जिसे दशहरा भी कहा जाता है, मनाई जाती है।

विजयादशमी 2026 मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को है।

विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।

यह पर्व मुख्य रूप से:

  • भगवान राम की रावण पर विजय

  • मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय

  • धर्म की अधर्म पर विजय

  • सत्य की असत्य पर विजय

का प्रतीक माना जाता है।

कई स्थानों पर दशहरे के दिन रावण दहन किया जाता है।

नवरात्रि को पर्यावरण-अनुकूल कैसे मनाएं?

नवरात्रि के दौरान कुछ छोटे प्रयास करके त्योहार को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाया जा सकता है।

1. प्लास्टिक का कम उपयोग करें

सजावट में सिंगल-यूज प्लास्टिक की जगह पुनः उपयोग होने वाली सामग्री का प्रयोग करें।

2. प्राकृतिक सजावट करें

फूल, पत्ते, कपड़े, कागज, बांस और मिट्टी से बनी सजावट का उपयोग किया जा सकता है।

3. ध्वनि प्रदूषण कम करें

लाउडस्पीकर और तेज संगीत का उपयोग स्थानीय नियमों के अनुसार करें।

4. पटाखों से बचें

अनावश्यक पटाखों से वायु और ध्वनि प्रदूषण होता है। इसलिए इनके उपयोग को कम करना बेहतर है।

5. बिजली बचाएं

सजावट के लिए ऊर्जा-कुशल LED लाइट्स का उपयोग करें और जरूरत न होने पर लाइट्स बंद रखें।

6. भोजन की बर्बादी रोकें

गरबा और सामुदायिक आयोजनों में भोजन की मात्रा का उचित अनुमान लगाएं और अतिरिक्त भोजन को जरूरतमंदों तक पहुंचाने का प्रयास करें।

7. डिस्पोजेबल प्लास्टिक कम करें

जहां संभव हो वहां स्टील, कांच या अन्य पुनः उपयोग होने वाले बर्तनों का इस्तेमाल करें।

8. गरबा स्थल को साफ रखें

आयोजनों में पर्याप्त कूड़ेदान रखें और गीले तथा सूखे कचरे को अलग रखने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करें।

नवरात्रि के दौरान सुरक्षा के उपाय

बड़े गरबा आयोजनों में हजारों लोग शामिल हो सकते हैं। इसलिए सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है।

  • पर्याप्त पानी पिएं।

  • आरामदायक जूते पहनें।

  • बच्चों पर विशेष नजर रखें।

  • भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी रखें।

  • कार्यक्रम के सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

  • जरूरत पड़ने पर बीच-बीच में आराम करें।

  • बहुत अधिक शारीरिक थकान से बचें।

  • आपातकालीन संपर्क नंबर अपने पास रखें।

  • ट्रैफिक और पार्किंग नियमों का पालन करें।

नवरात्रि 2026 – एक नजर में

विवरण जानकारी
त्योहार शारदीय नवरात्रि
वर्ष 2026
शुरुआत 11 अक्टूबर 2026
दिन रविवार
घटस्थापना 11 अक्टूबर
नवरात्रि अवधि 9 रातें
दुर्गा अष्टमी 19 अक्टूबर 2026
महानवमी 19 अक्टूबर के आसपास, स्थानीय पंचांग अनुसार
विजयादशमी 20 अक्टूबर 2026
दशहरा 20 अक्टूबर 2026
मुख्य देवी मां दुर्गा
नौ स्वरूप नवदुर्गा
गुजरात की प्रमुख परंपरा गरबा और डांडिया
प्रमुख प्रारंभिक अनुष्ठान घटस्थापना
मुख्य समापन विजयादशमी

नवरात्रि 2026 के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नवरात्रि 2026 कब शुरू होगी?

शारदीय नवरात्रि रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को शुरू होगी।

घटस्थापना 2026 कब है?

घटस्थापना 11 अक्टूबर 2026 को होगी।

अहमदाबाद में घटस्थापना का मुहूर्त क्या है?

अहमदाबाद में घटस्थापना का मुख्य मुहूर्त सुबह 6:35 बजे से 10:29 बजे तक है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:03 से 12:50 बजे तक है।

नवरात्रि 2026 का पहला दिन कौन सा है?

पहला दिन 11 अक्टूबर 2026 है और इस दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है।

दुर्गा अष्टमी 2026 कब है?

अहमदाबाद के 2026 पंचांग के अनुसार प्रमुख दुर्गा अष्टमी अनुष्ठान 19 अक्टूबर 2026 को हैं।

दशहरा 2026 कब है?

विजयादशमी/दशहरा मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा।

नवरात्रि कितने दिनों की होती है?

नवरात्रि का अर्थ नौ रातें है। शारदीय नवरात्रि में नौ रातों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है और इसके बाद दसवें दिन विजयादशमी मनाई जाती है।

नवरात्रि में कितनी देवियों की पूजा होती है?

नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों, जिन्हें नवदुर्गा कहा जाता है, की पूजा की जाती है।

गुजरात में नवरात्रि क्यों प्रसिद्ध है?

गुजरात में नवरात्रि गरबा और डांडिया रास के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। लोग नौ रातों तक पारंपरिक परिधानों में संगीत और नृत्य के साथ नवरात्रि मनाते हैं।

नवरात्रि 2026 के रंग कौन से हैं?

2026 के प्रचलित नवरात्रि रंग हैं:

नारंगी, सफेद, लाल, रॉयल ब्लू, पीला, हरा, ग्रे, बैंगनी और मोरपंखी हरा।

निष्कर्ष

नवरात्रि 2026 रविवार, 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। पहले दिन घटस्थापना और मां शैलपुत्री की पूजा के साथ नवरात्रि उत्सव का शुभारंभ होगा।

नौ दिनों तक भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा, आरती, मंत्र जाप और व्रत करेंगे। गुजरात में इन नौ रातों के दौरान गरबा और डांडिया का विशेष उत्साह देखने को मिलेगा।

19 अक्टूबर 2026 को दुर्गा अष्टमी और महानवमी से जुड़े विशेष धार्मिक अनुष्ठान होंगे और 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा।

नवरात्रि हमें शक्ति, साहस, भक्ति, सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देती है। आइए इस नवरात्रि को धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए मनाएं।

जय माता दी!
शुभ नवरात्रि 2026!